वो क्या है भाई साब,आज सुबह से ही बड़े "मूड" में हूँ,सोचता हूँ की "अपनी" भी एक "सी.डी".बनवा लूँ ! क्या पता, कब जारी करनी पड़ जाये !ऊप्प्स.......इस से पहले की "आप" भी "एकता कपूर" की तरह "सी.डी." पर "फिल्म" बनाने का "एलान" कर दो, मै "क्लिअर" कर दूँ अपना इरादा "बात-चीत"वाली "सी.डी"का है...एनी वे,अब आप पूछोगे एक ही क्यों?कसम "फोरेंसिक लैब"की इस "मुल्क" में "एक" का "पांच" बनते देर नहीं लगेगी...! आपको तो पता ही है "अमरवाणी"और मौसम की "गर्मी" का कोई "अंत" नहीं है ! माथा चकरा जाता है! सुना नहीं,इधर "खबर" आई की अपने "प्रदेश" में "पुलिस जी"अब "जनता" से "सभ्यता" से पेश आयेंगे,उधर फ़ौरन "आत्मा" ने "डाईव" मारी और तड से "हलफनामा" दे दिया "गुस्सा" उतारने की "छूट" देने को कहा था ! इसे कहते है "डांस इंडिया डांस" की "भाषा" में "पॉपिंग & लाकिंग"! पुरानी कहावत है "गड्ढे" में गिरा हर बच्चा "प्रिंस"नहीं होता है कुछ "टी.वी.शो" में जाकर अपने ही "गुरु" को "आँख" दिखाते है! अब आप कहा करो "गाँधी"साहित्य रखने से कोई "गाँधीवादी"नहीं हो जाता है मगर "ड्राफ्टिंग कमेटी" में एक "दलित" भी होना चाहिए! भाई साब "अन्ना" पर "ताना" मारना "लेटेस्ट फैशन" है! देखा नहीं "कटे पैर"में भले "संक्रमण" फैलता जाये मगर "राजनीति" "बरेली"से "लखनऊ"और फिर "लखनऊ" से "एम्स" अपना "ऐम" साधने के चक्कर में "ट्रांसफर" कराती रहेगी! अच्छा अब "आप" ही बताइए "मुल्क" बड़ा या "आई.पी.एल."? कसम से इसका "जवाब" आपको किसी भी "मस्तिष्क"के "डिजिटल" नक़्शे में नहीं मिलेगा ! आप "मलिंगा" को वापस बुलाओगे,अगला "टेस्ट क्रिकेट"से "संन्यास"का एलान कर देगा...! सबक ले लो आप भी "वेस्टइंडीज" के दौरे पर "आराम" दे ही दो,बेवजह इस "पचड़े" में मत पड़ो की "मुल्क" बड़ा या "आई.पी.एल."! हाँ, अगर आपको "शांति" या "संतोष"की तलाश है तो "हे-गड़े"मुर्दे उखाड़ने वालो, अगले महीने "योग गुरु"के "अनशन" का "एलान" है ! आप उधर "ध्यान" दो "एक-आध" "उधर" भी मिल जायेंगे ! ये वो "मुल्क" है जहाँ "मुनाफ" भी "बैटिंग" करने बाकायदा "सन-स्क्रीन" क्रीम लगा कर जाता है....! बकौल मरहूम "महमूद साब"...द होल थिंग इज़ भैया......! आप "आम जनता" हो ! सब "समझ" गए ना,कि क्यों "मोर" "नाचते" हुए भी "रोता" है और "हंस"मरते हुए भी "गाता"है ! यही "जिंदगी" का "फंडा" है भाई साब! "दुखों' वाली "रात" "नींद" नहीं आती, और"ख़ुशी" वाली "रात" कौन "सोता" है.....!! ये अपना अपना "सोचने" का "नजरिया" है वर्ना यहाँ कौन "पाता" है और कौन "खोता" है !!! जो नहीं मिला उसे "भूल" जाओ, जो "मिल" गया उसे "एन्जॉय" करो....अभी चलते है ,फिर मिलते है "फुर्सत" से,तब तक मेरे साथ-साथ "आप" भी गुनगुनाइए...... द होल थिंग इज़ दैट के भैया..... !!!!!!!!!!
it is well said ki"khalli dimag shaitan ka ghar"but sometime yahi shitani kuch aaise khurafato ko janm de deti hai jinka koi jawab nahi hota...fursat k unhi lamho me kuch khurafato ka pratiphal hai "fursatnama"...
Sunday, April 24, 2011
Sunday, April 17, 2011
.....परकटे परिंदे कि कोशिश तो देखिये !!!!

Sunday, April 10, 2011
"सिंगल" से "हजारे" "हजारे" से "लाखो" "करोडो" .....

यानि आई .पी. एल की ज़बान में कहें तो हर "ट्वेंटी" दशक के बाद "भ्रष्टाचार"के खिलाफ हमें "स्ट्रेटजिक टाइम आउट "लेना पड़ रहा है वो भी हर बार एक नए "कोच" के साथ और "भ्रष्टाचार" है की "चौके-छक्के" लगाये जा रहा है और हम "भ्रस्टाचार" को देख कर गा रहे है "रज़िया फंस गयी गुंडों" में उधर "भ्रष्टाचार" "रज़िया"की तरह "आईटम गर्ल"बनकर "जीवन" की "आपधापी" से "पीड़ित" जनमानस को "एंटरटेन" कर रहा है...जनता हूँ भाई साब,आँखें बंद कर लेने से सिर्फ "अँधेरा" होता है!"सूरज" नहीं "डूब" जाता है !जो "रौशनी" चमकी है उससे देखने का "वक़्त" आ गया है!अब हमें "आँखे" खोलनी ही होगी !"राम नवमी" आ गयी है!"भ्रष्टाचार" के विरुद्ध "जन जागरण " और "अयोध्या"में "प्रभु" का "अवतरण" अकारण नहीं है...ये "शुभ" संकेत है...गोस्वामी जी ने कहा भी है "जब जब होए धरम की हानी,बाढें असुर अधम अभिमानी!तब तब धरी प्रभु मनुज सरीरा ,हरहि भव सज्जन पीरा !!".आमीन !!!!!!!!!!!!!!!!
Sunday, April 3, 2011
.....जियो खिलाडी वाह रे वाह !!!!!!
तोभाईसाब,फाईनलीह
म"वर्ल्डचैम्पियन"बन ही गए ! सच बताऊँ तो "आधी रात" तक "जीत" का "जश्न" मनाने के बाद अब फुर्सत से बैठा

तो याद आया कि जीत का"जश्न"मनाने वालों में "वो" भी शामिल थे जो "ज़हीर"
के आखिरी पांच ओवर "पिटने" पर "गरिया"रहे थे!"वो" भी थे जिन्होंने "सचिन" और "सहवाग" के आउट होने के बाद ही "हार"का "एलान" कर दिया था ! "वो" भी थे जो "श्रीशांत" के "ना खिलाने" पर और "वो"भी जो "खिलाने"पर सवाल खड़े कर रहे थे......कसम "मुरलीधरन"कि दिमाग ही घूम गया ! "कन्फयूजन" इतना कि "मन" किया "दोबारा" "टास" करा लूँ ! बहरहाल वो तो भला हो "रेफरल सिस्टम" का जो दिमाग से "कंसल्ट" किया तो "साइमन टफेल"कि तरह "निर्णय"बदलना पड़ा और "जीत" कि "वज़ह "समझ में आ गयी वर्ना टी.वी.स्क्रीन के "विशेषज्ञों"कि तरह कभी "टार्गेट" तो कभी "पिच"को तो कभी "रणनीति"को "कोसता" रहता और जीतने पर "जश्न" मनाने का सारा "क्रेडिट" खुद ले लेता!एनी वे,"आपको" लगता रहे कि जीत "राम-रावन" से लेकर"रजनीकांत" वाले "मैसेज" को "फारवर्ड"
करने से मिली है लेकिन आपसे एक "प्राईवेट" जानकारी "शेयर" करता हूँ किसी से "कहियेगा" नहीं,कसम "गिलानी" की,सच तो ये है कि जैसे ही "महेंद्र राजपक्षे"ने अपना "निमंत्रण" स्वीकार किया ,अपनी "जीत" तय हो गयी थी!क्योंकि ये वो "मुल्क" है जो "टोटके" भी मानता है और "भावनाओं" में बहता भी है मगर भाई साब "जिंदगी"के "वर्ल्ड कप"में न तो "टोटके" चलते है और न ही "भावनाएं"! यहाँ "महेला"की "पुरुषोचित पारी" भी "हार" को नहीं "टाल" पाती है और "गंभीर" का एक "लापरवाही" भरा शाट "शतक" नहीं बनने देता ! जीत का "जश्न"ज़रूरी है मगर "उन्माद" खतरनाक !"खबरिया मीडिया" ने "मोहब्बत"बिखेरने वाले "खेल" को "जंग"में तब्दील कर दिया है! माना "जीत" के लिए "किलर इंस्टिंक्ट"ज़रूरी है मगर "खेल भावना" को "किल" करके नहीं !यहाँ "हारने" वाला भी "दिल" जीत लेता है!हमें "इडन गार्डेन"में रोते हुए "काम्बली"का चेहरा याद है!हमें "शारजाह"में पड़ा "छक्का" याद है!हमें "लार्ड्स" की "बालकनी" में"कप"उठाये "कपिल" याद है और अब हमें "वानखेड़े"में लगे "छक्के" के बाद "कप"उठाये "धोनी & टीम"याद रहेगी......सच मानिये "जाते-जाते" ये "विश्व कप"हमें बहुत कुछ दे गया है!हमें याद रहेगा "आफरीदी" का बयान,जो "अपने" "मुल्क" में लौटने पर दिया है ..."हम हार गए है!मै इसकी ज़िम्मेदारी लेता हूँ!मगर भारतीयों से इतनी नफरत क्यों?वो भी "हम" जैसे ही है....जियो "खिलाडी" "वाह रे वाह"!!!!!!!भाई साब,अगर यही "विश्व कप" "मुकाबला"है तो इसे होते रहना चाहिए क्योकि यहाँ "जीत" "राम-रावन"की नहीं!"गोरों", "-....खोरो", और सीता माँ के ".......", की नहीं,यहाँ "जीत" "खेल"की होती है...कभी "फुर्सत"में "दिल" से सोचियेगा !"जवाब" यही मिलेगा !!....भारतीय "जीत" की 'मंगलकामनाओं" के साथ अर्ज है "जागते रहिये ज़माने को जागते रहिये,मेरी आवाज़ में आवाज़ मिलते रहिये!प्यार हो जायेगा आपको भी एक दिन, दिल मिले न मिले, नजरो से नज़रें मिलते रहिये!!!!!!!
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