Monday, April 9, 2012

"ख्वाजा मेरे ख्वाजा,दिल में समा जा..

तो "देख" लिया न भाई साब,अपना "मीड़िया" "क्या-क्या" और "कहाँ-कहाँ" से लीक करता है ! कसम "ट्वेंटी-ट्वेंटी" की, जी तो करता है किसी "प्रतिभाशाली फ्लॉप"  क्रिकेटर कि तरह "सर" मुंडा कर भारतीय "क्रिकेट टीम" कि "हार" का ठीकरा "आइ.पी.एल." के "सर" पर "फोड़ते" हुए "सभी" को "काम्बलिया" दूँ मगर वो क्या है कि,अपने "मुल्क" में "अपहरण" कि "चर्चा" होने के लिए भी "इटैलियन" नागरिक होना ज़रूरी  है वर्ना "जियारत" वाले "मुल्क" में "हमले" के  "मास्टर माइंड" की "टेन परसेंट" बातें करना भी "सियासत" हो जाएगी ! वाह रे मेरे "गरीब नवाज़", "दामाद" को "लाल बत्ती" नहीं मिली तो "इमाम साहब" ने  सीधा "सियासत" पर ही "सवाल"  उठा दिया ! इधर "सेना" के "दिल्ली" कूच करने की "खबर" उडी ही थी कि "तख्तापलट" से "घबराये" "पडोसी" भी आ गए "दरबार" में..... वो "कहते" है ना, "दो बेचारे बिना सहारे...." ! खैर..... "दस्तरखान" पर "जैतूनी मुर्ग" और "सींक कबाब" का लुत्फ़ लेते हुए जहाँ "युवराज" "राग बिलावल" सुन रहे थे,वहीं "यू.पी." में "छात्र संघों" के नेता "अपना नेता मस्त है" कि "प्रैक्टिस" कर रहे है, उधर "नए-नए" बने "नेताजी" और भी "मस्त" होकर "सीरियल ब्लास्ट" के "आतंकियों" को "रिहा" करने कि "घोषणा" कर रहे है ! अब ये "अलग" बात है कि "आम आदमी" बेचारा "वोट" देने के बाद "दगी" हुयी "बन्दूक" कि तरह अपनी "थाली" से "कम" होती हुयी "खुराक" को "निहार" रहा है,जहाँ "जिंदगी" के " एडवेंचर माल" में हमेशा "ज़रुरत" के "वक़्त" रस्सी "छोटी" पड़ जाती है ! अब "आम आदमी" "मिस इंडिया" तो है नहीं जो उसकी फोटो "न्यूज़" में आयेगी, उसके "हिस्से" में हमेशा कि तरह "चुपचाप" गुमनाम "स्टंटमैन" कि तरह  "पोस्टमार्टम" करवाओ और "दफ़न" हो जाओ ही आना है ......ये क्या हुआ "भाई साब" , इतनी "कड़वाहट" कहाँ से आ गयी, "हम" तो ऐसे "कभी" ना थे....! "रिश्तों" कि "तल्खी" सुधरे,यही "दुआ" है....वैसे "सच्चे" "दिल" से "जियारत" करें तो "दुआ" ज़रूर "कुबूल" होगी...वैसे भी "आम आदमी" के पास अब "सिर्फ" "सच्चाई" ही बची है....ज़रा "गौर" से सुनिए तो  "ख्वाजा" के "दरबार" से "सदायें" आ रही है......"ख्वाजा मेरे ख्वाजा,दिल में समा जा,शाहों का शाह तू ,अली का दुलारा...ख्वाजा मेरे ख्वाजा"......आमीन !!!!!!!      

2 comments:

  1. एक न एक दिन ख्वाजा को सुनना ही होगा...
    आमीन!

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  2. धन्यवाद कविताजी अपनी बहुमूल्य टिप्पडी के लिए....आगे भी यूँ ही उत्साहवर्धन करती रहिएगा ..........

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