Sunday, July 31, 2011

तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे....

कसम येदियुरप्पा की भाई साब,आज कल अपना मनवा भी "खनन" करने में जुटा हुआ  है !अब आप कहोगे मौका अच्छा है डी.डी. तू भी "कर-नाटक"...अच्छा अब आप ही बताइए "बारिश" की "उम्मीद" में हम सड़ी हुई "उमस" "झेलते" है की नहीं,और "बारिश" होने पर "बजबजाती" "नालियों" के बीच से "सड़क" पार करते है तो क्या ये "नाटक" है... ! अब ऐसे आप की माने तो "नेताजी"का पार्टी के पुराने "महासचिव" के समर्थन में "बयान" भी "नाटक" है ! "ज़हीर खान" का इंग्लैंड दौरे के लिए "फिटनेस" टेस्ट पास कर लेना भी "नाटक" है ...क्या भाई साब,आप भी ना हमेशा "महंगाई" कम करने के नाम पर "रेपो" और "रिवर्स रेपो" रेट बढ़ाते ही रहते है ! अरे "बीइंग ह्यूमन" की "टी-शर्ट" पहन लेने से कोई "सलमान" नहीं बन जाता है,सिर्फ "चैरेटी" होती है ! वो कहते है ना की "दाल" गिर जाने पर "सूखी रोटी" ही "अच्छी" लगती है ! "शतको" का "महाशतक" बनने की "उम्मीद" लगाये रखनेवाले,"विदेशी धरती" पर "टेस्ट" खेलने  का "शतक" बनने की "खबर" से ही "बहल" जाते है ! इस "मुल्क" में अपनी पार्टी को "सर्कस" कहने से कुछ नहीं होता है,असली "आचार्य" है तो "स्कूल" के "रिकार्ड" में "विवरण" होना ज़रूरी है वर्ना "अग्रिम" ज़मानत करनी ही पड़ेगी ! सच तो ये है की जहाँ "सहरी" और "इफ्तार" के "वक़्त" भी "अलग-अलग" होने की "बात" हो रही हो,वहां "किसानो" के हित में "पदयात्रा" और "पद-यात्रा" में फर्क करना मुश्किल हो जाता है ! क्योंकि "ज़माना" बदल चुका है...आज "नमक का दरोगा" "गल" चुका है ! "होरी-धनिया" अधिग्रहण के  बाद "मुआवजे" के लिए भटक रहे है ! "जुम्मन शेख" और "अलगू चौधरी" "कैश फॉर नोट" पर सी.बी.आई के सामने है !नन्हा हमीद अब "मेले" से "चिमटा" नहीं "मोबाइल" खरीदता है ताकि "दादी" को "टेक केयर" "मैसेज" कर सके ! भाई साब,पाक विदेश मंत्री के "नीतियों" से ज्यादा उनके "पोशाक" और "अंदाज़" पर चर्चा करने वाली "पीढ़ी" में से "कितनो" को "पता" है की आज (31 जुलाई ) को "मुंशी प्रेमचन्द्र जी" की "जयंती" है और आज ही "सुरों के शहंशाह" "मोहम्मद रफ़ी" की "पुण्य तिथि" है, जिनके गाये "सुरीले गीतों" को गा- गाकर कितने लोग आज "रियल्टी-शो" के "जज" बने बैठे है ....खैर जाने दीजिये  आने वाला "मौसम" "त्योहारों" का "मौसम" है ! "माहे मुक़द्दस" "रमजान" का "आगमन", "नागपंचमी" का "उत्साह","फ्रैंडशिप" डे का "जोश"...आप सबको "त्योहारों" की :ढेर" सारी "बधाइयाँ ",मंगलकामनाएं ...लेकिन ये क्या "त्योहारों" और "बधाइयों" की इसी "धूम" के बीच दूर कही "रेडियो" पर बजते "गाने" की "आवाज़" सुनाई दे रही है....तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे हाँ तुम मुझे यूँ  भुला  ना......

Saturday, July 16, 2011

जिंदगी मिलेगी न दोबारा....

10 जुलाई 2011 : कालका मेल दुर्घटनाग्रस्त ...मरे,...घायल !!!!
                       1  :
मौके पर तत्काल "विशेष रेल रवाना"
                       2  : केंद्र की तरफ से "मुआवज़े" का ऐलान
                       3  : दुर्घटना के कारणों का पता लगाने की लिए "जाँच समिति" गठित
                      4   : सभी रूट की रेलें,यात्रियों को लेकर "पूर्ववत" चलने लगी ! सब कुछ सामान्य !!!

13 जुलाई 2011 : मुंबई में सीरियल बम ब्लास्ट .....मरे,...घायल !!!!
                        1 :
हर चैनल पर "धमाके" की "पहली तस्वीर" दिखाते एंकर 
                              और "धमाको" की "ज़िम्मेदारी" लेने वाले का "इंतज़ार"
                        2 : राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री समेत सभी की "संवेदना" व्यक्त करने वाले "वक्तव्य"
                        3 :राजनैतिक दलों,संगठनों,बुद्धिजीविओं,द्वारा हमले की "चीर-फाड़"
                        4 : मृतकों की आत्मा की "शांति"हेतु  "कैंडिल मार्च" 
                        5 : मुंबई फिर से पटरी पर ! पूर्ववत !! सब कुछ सामान्य !!!     

पिछले दिनों
रिलीज़ कुछ
फ़िल्में                :
जिंदगी मिलेगी न दोबारा....
                           :  "भाग डी.के.बोस भाग" फेम "डेल्ही बेली" और...
                           : बुड्ढा होगा तेरा बाप "बीप" "बीप" "बीप" "बीप" "बीप" बीप" बीप बीप बीप बीप ........
                              ("इतने" या कुछ और "बीप" ....ये "फैसला" "आप" पर छोड़ता हूँ )

Sunday, July 3, 2011

हम "बोलेगा" तो "बोलोगे" कि "बोलता" है....

कसम "संप्रग" सरकार की भाई साब, सच सच बताइयेगा की वो कौन है जो "मैडम" का "समर्थन" नहीं लेता है ! "उनकी" छोडिये जिनके पास "फैसिलिटी" है,जिनके "पास" नहीं है "वो" भी "किसी" न "किसी" "मैडम" का "समर्थन" तलाश करते "मिल" ही जायेंगे ! अब "आप" ही "बताइए" अगर "अगले" ने "कह" ही दिया कि "मेरी व्यक्तिगत राय है कि "लोकपाल"  के "दायरे" में आना चाहिए" तो इतनी हाय तौबा क्यों ? भाई सही है "मैडम" कि "मैडम" ही जाने.....मगर नहीं जिनकी "अपने" "घर" में भी "मैडम" के सामने "नहीं" चलती है वो भी "फडफडा" रहे है सिर्फ पांच के सामने क्यों बोले? लो कर लो बात पार्टी का निशान है "पंजा" सो पांच के सामने ही तो बोलेंगे ! वैसे भी "इम्पोर्टेंट" ये है कि बोले तो....लेकिन "प्रॉब्लम" तो "ये" है कि आपको भी "आईसीसी" कि तर्ज़ पर "आपत्ति" है कि "रनर" नहीं मिलेगा... अब "बोल" कर दिखाओ "मै" हूँ मज़बूत "प्रधानमंत्री" ! अब "समझ" में आ रहा है भाई साब अगला "चुप" क्यों रहता है क्योंकि  बकौल "प्राण साब" हम "बोलेगा" तो "बोलोगे" कि "बोलता" है....एनी वे "डोपिंग" में फंसा हर "खिलाडी" कहता है कि वो "निर्दोष" है ! अरे जिस "मुल्क" में "जाति" के "आधार" पर "जनगणना" हो      वहां 300 "टुकड़े"  करने वाली "मा-रिया" को "हिरोइन" बनाया ही जायेगा! सुना नहीं आपने "पुरुलिया" के दोषी का "प्रत्यर्पण" "डेनमार्क" इसलिए नहीं करेगा कि भारतीय "जेलों" कि हालत "खस्ता" है ! ये तो वही बात हुई "वन-महोत्सव" पर हर साल "लाखों" पेड़ लगाये जाते है मगर "वो" जाते कहाँ है,"नहीं" पता ! कसम " एंग्रीओल्ड  मैन" कि "जी" में आया कह ही दूँ  "बुड्ढा होगा तेरा बाप" मगर वो कहते है ना "पवित्र रथ " के आगे "झाड़ू" लगाते रहो उधर "दंगों" से जुड़े "कागजात" "नष्ट" हो जायेंगे !आप "डी.के.बोस" गाते रहो, लोकपाल पर मतभेद जारी रहेगा ! डीज़ल-पेट्रोल के दाम बढ़ते रहेंगे !हम हर दिन "दस" से "पांच' कि "चक्की" में पिसते रहेंगे ! बहुत कुछ "हम" पीछे 'छोड़ते" जायेंगे,बहुत कुछ "हमें" पीछे "छोड़ता" जायेगा...देखा नहीं आपने कितनी "ख़ामोशी" से "चवन्नी" चली गयी और "साथ" में ले गयी "शगुन" में "सवाया" का हमारा "संस्कार"...चूरन कि पुडिया,बेर-इमली का पैकेट,पांच लेमनजूस,पांच गोलगप्पे,आलू की टिकिया.....दरअसल वो "चवन्नी" नहीं पूरी एक "पीढ़ी" का "बचपन" थी जो "चली" तो गयी मगर "जिंदा" है उस "पीढ़ी" की "यादों" में,"संवेदनाओं" में,"ज़ज्बातों" में.....! नया "सत्र" शुरू हो गया है ! "बारिश" की ताज़ी "बूंदों" के साथ "स्कूल" की "ड्रेस" में एक नयी पीढ़ी "चहचहाती" हुई हर "सुबह" "रास्तों" को "गुलज़ार" कर रही है! "जिंदगी" के "मसले" तो अपनी "जगह" रहेंगे ही "आइये" इनके साथ "हम" भी "जिंदगी" को "जी" लें...."बूंदों" का बना "प्यारा" सा "समंदर", "लहरों" से "भीगी" छोटी सी "बस्ती" ! चलो "ढूंढे" "बारिश" में "बचपन", "हाथ" में लेकर, "कागज़" की "कश्ती' !!!!           

Sunday, June 26, 2011

..Believe in yourself ,if you dont then who !

अच्छा भाई साब, कसम से इस मुल्क में और कुछ हो न हो मगर "अपन" लोग "झोला-डंडा" लेकर "धरना,प्रदर्शन" के "लेटेस्ट वर्ज़न" "अनशन" तक करने को एकदम तैयार रहते है ! इधर डीज़ल,किरोसिन,गैस का दाम बढ़ा नहीं, उधर बेमौसम के बरसाती मेंढक की तरह हो गई शुरू टर्र टर्र....बनाते रहो "अड़ियल अन्ना" की तरह आप अपना अलग "ड्राफ्ट" ! पक्का है वो "संसद" में "गिर" जायेगा ! फिर करना "धरना,प्रदर्शन,अनशन" "अपन"तो है ना ! ये तो वही बात हुई की हमेशा "मीडिया" से "निजता"की दुहाई देने वाला  "शहंशाह" खुद अपने "घर" की "खबर" "ट्विटर" पर "लीक" करता है और उधर अगले के "बेटे" से पूछो तो फ़ौरन "जवाब" आएगा "नो आईडिया" !भाई साब कहने  का मतलब है की "अनशन" भी "ग्लैमरस" होना चाहिए वर्ना आपका "सच"&"आन" "जेल" में ही "दम" तोड़ देगा फिर आप "जाँच" कराते रहना कि ये "हत्या" है या "आत्महत्या" ! क्योंकि ये वो मुल्क है जहाँ "प्रदूषित गंगा" को बचाने के लिए "अरबों" कि "परियोजनाएं" बनाने  वाले , उस "साधू"  को भी नहीं "बचा"  पाते है जिसने "गंगा" को "बचाने" के लिए अपनी "जान" दे दी ! पाक से बड़ा "दुश्मन" भ्रस्टाचार कह देने से "बिल" नहीं पास होगा ! सिर्फ अपनी जिद पर ही अड़े रहोगे तो यकीन मानिये हर कदम पर अनशन भी नहीं कर पाओगे ! आप कहोगे "दफ्तर" में "जासूसी"  हुई है, अगला  कह देगा " च्युंगम"  के "दाग" है ! "टेस्ट मैच" में यू.डी.आर.एस. का विरोध करोगे तो पारी में "तीन-तीन" गलत "निर्णय" भी सहने पड़ेंगे !बाद में लताड़ते रहो अम्पायरों को..... सफल कप्तान केलिए "सही सोच" और किस्मत" के साथ "सफलता पचाना" भी  आना चाहिए वर्ना आप को तो पता ही है सिर्फ विधायक को पार्टी से सस्पेंड कर देने से यू.पी. में अपराध कम नहीं हो जाते है ! दीदी,अम्मा.बहनजी सब तो है मगर चिंता  किसको है...आप खुद ही देखो ना यूँ तो "मल्लिका" का "नाम" ही काफी है मगर बदलते "वक़्त" में उन्हें भी "जलेबी बाई" नाम रखना पड़ रहा है !आप भी बदलते "वक़्त" की "नब्ज़" पहचानो !इस सरकार ने ज़बरदस्ती "सत्ता" पर कब्ज़ा नहीं किया है! हमने आपने इन्हे "चुना" है !अगली बार फिर जब "चुनने" की बारी आएगी तो हमारे सामने भ्रस्टाचार,महंगाई,गरीबी "मुद्दा" नहीं होगा बल्कि अपनी जाति,पार्टी,धर्म और कभी नोट के बदले वोट देकर "ऐसों" को ही "चुन" लेंगे क्योंकि "अपन" लोगों को तो "झोला-झंडा" लेकर "धरना,प्रदर्शन,अनशन" करना ही तो आता है....मुआफी चाहता हूँ,मगर अंग्रेजी की एक कहावत है, फुर्सत में आपसे शेयर करता हूँ ....Believe in yourself ,if you dont then who !     

Sunday, June 19, 2011

....सब कुछ भुला कर "जस्ट डांस"

तो भाई साब,"फाईनली" ये तो "प्रूव" हो गया की बगैर "हल्ला-गुल्ला" किये "अनशन" करने से "मुद्दे" हल नहीं होते है बल्कि दोबारा "पोस्टमार्टम" तक कराना पड़ता है ! जिनके चुनावी "एजेंडे" में "भगवा" और "गंगा" शामिल है,आपके "आन्दोलन" में वो भी "झाँकने" नहीं आते है ! यही नहीं प्रख्यात "कथावाचक" के साथ "आध्यात्मिक गुरु" भी  "बाबा" को "जूस" पिलाने आते है "निगमानंद" को नहीं ! उनकी स्थिति "गंगा मैया" से भी बदतर होती है जिस पर "राजनीति" ज्यादा और "सहानुभूति" कम होती है !"मीडिया" के चमकते "कैमरे" और "बाइट" किसे नहीं लुभाते ! वैसे आज कल  "मीडिया" भी "शीला की जवानी" है जो "राम लीला मैदान" में एकतरफा "पुलिसिया लाठीचार्ज" की खबर चलाती है और "योग शिविर" के लिए मिले "मंच" के "राजनैतिक" इस्तेमाल की बात को छुपा लेती है ! मगर वो "भूल" जाती है कि इस "मुल्क" में "पेड न्यूज़" भी "मुन्नी कि बदनामी " कि तरह "मशहूर" है जिसका "खामियाजा" सच्चे "जे डे " को अपनी "जान" देकर चुकानी पड़ती है ! बकौल शायर "मुस्कुराने कि बात करते हो, किस ज़माने कि बात करते हो ! बतर्ज़  फुर्सतनामा "आप "सिविल सोसाईटी" बना कर "क्रिमिनल" तरीके से जमा "रेवेन्यु" वापस लाने कि बात करते हो, कसम "सिब्बल" कि किस ज़माने कि बात करते हो  ! सच तो ये है भाई साब कि जब "जान" पर बनती है तो "आयुर्वेदिक" नहीं "एलोपथिक" ही काम आतीं है !"शरीर" में  पानी कम हो तो "ग्लूकोस" चढ़ता है "आयुर्वेदिक पेय" नही ! "पुत्तापर्थी" के "आश्रम" में मिली "संपत्ति" से भी अभी अगर आपकी "आँखे" नहीं "खुली" है तो "सच" में आप "धन्य" है भाई साब ! "कलयुग" में जिसके पास "धन" नहीं वो काहे का "भगवान" ! अब तो ये "अनशन" नहीं  कुछ "भगवानो" के बीच "वर्चस्व" कि लड़ाई है !अपने-अपने "लोकपाल" के "मसौदे" सभी के पास है ! आपको बेवजह "भगवान" के मामले में पड़ने कि "ज़रूरत" नहीं है ! पुरानी कहावत है "लुंगी" पहन कर "शीर्षासन" नहीं होता है, आप साधारण "भक्त" कि तरह "मौन-व्रत" रखो,क्योंकि आपके लिए तो "बैंक" का "क़र्ज़" भी "महंगा" हो गया है  और अब तो अपने  "घर" का "सपना" भी "टूट" गया है ! यही नहीं अब "डाकघर" के "ब्याज" पर भी "टैक्स" लगेगा सो अलग..... "थाने" के "आँगन" में "तुलसी" लगा देने से "अपराध" कम नहीं होता है ! निघासन कि "सोनम" हो या "कन्नौज" मे लड़की कि फूटी आँख.... एक लम्बी फेहरिस्त है लेकिन आप "टेंशन" मत लो ! मर्डर-२ "रिलीज़" होने को तैयार है ! एन्जॉय करो और हाँ टी.वी. कि "भाषा" में कहें तो "ऋतिक" के साथ सब कुछ भुला कर "जस्ट डांस" करो  !!!   !                  

Monday, June 13, 2011

ये देश है वीर जवानों का अलबेलों का,मस्तानो का..

सच कहूँ भाई साब, आज कल अपना "मनवा" भी रह रह कर "सन्यास" की ओर "लपक"  रहा है !बहुत हुआ "डियो" और "टेलकम पाउडर" अभी "भभूत" लपेटने का "टैम" है !जी करता है "जींस-टी शर्ट" त्याग कर वन पीस "भगवा" लपेट कर "हिमालय" की "चोटियों" की तरफ निकल लूँ !"संन्यास" का "संन्यास" हो जायेगा और इस मुई "गर्मी" से "निजात" मिलेगी सो अलग ! वैसे भी मुझे कौन सा उम्र भर का संन्यास लेना है,जब मन करेगा "साध्वी" की तर्ज़ पर "पार्टी अध्यक्ष"  के हाथो "गुलदस्ता" थाम कर आ जाऊंगा फिर से वापस "पार्टी" में! कसम आफरीदी की भाई साब, असली "खेल" तो "सन्यास" के बाद ही शुरू होता है ! निजी विमान से सत्याग्रह करने पहुँचो ! फाईव स्टार में समझौता करो! बात खुल जाये तो मुकर जाओ,यही नहीं मौका पड़े तो "मंच" से "कूद" कर "भाग" जाओ....इतना "एक्सईटमेंट" तो "२०-ट्वेंटी" में भी नहीं है !वैसे एक बात कहूँ भाई साब,कथित "आज़ादी की दूसरी लड़ाई" के "स्वयंभू क्रन्तिकारी" की समझ में आ गया होगा की "शिविर" लगा कर "देशभक्ति" के गानों पर एक्टिंग करना एक बात है और "पुलिस जी" के आगे टिके रहना दूसरी बात! वो तो कहिये मुल्क की किस्मत अच्छी थी जो आज़ादी की "पहली लड़ाई" वाले "क्रन्तिकारी" "सलवार-कमीज़" पहन कर "भागने" के बजाय "फांसी" के "फंदे" को चूमना पसंद करते थे वर्ना आज.....जाने दीजिये भाई साब,"जिंदगी" में सबकुछ हमेशा "अनुलोम" ही नहीं होता है "विलोम" भी होता है मगर आप भी "दूसरों" के "कपाल" की "भांति" सोचो तब ना ! ये आपका ही "उलट-आसन" था जिसने "लौकी" छोड़कर "मुसम्मी" का "जूस" पिलवा दिया है ! ये देश है वीर जवानों का अलबेलों का,मस्तानो का.. जहाँ "सानिया मिर्ज़ा" के "खेल" से ज्यादा, उसकी "ड्रेस" की चर्चा होती  है ! जहाँ "अरबो" की सम्पति रखनेवाला "सन्यासी" है ! जहाँ "बापू" के "स्वराज" से ज्यादा, "राजघाट" पर "स्वराज" के ठुमके की चर्चा होती  है ! जहाँ "सन्यासी" "खुद" की "हथियार बंद" सेना "गठन" का "ऐलान" करता है,वहां  आप "अनशन" का ड्रामा करते रहो उधर "राणा" बरी हो जाता है ! "गंगा दशहरा" के ठीक पहले "स्कूलों" के "पाठ्यक्रम" में "गंगा" के "आगमन" की "कथा" "अन्धविश्वाश" कह कर बदल दी जाती है ! ये इस मुल्क की "किस्मत" है भाई साब,जहाँ "चन्द सालों" में ही "अरबो" की "सम्पति" सिर्फ "दान" से ही बन जाती है ,जबकि इस "मुल्क" में "बाबा" ही नहीं, "आम हिन्दुस्तानी" भी  रहता है जो अपने पसीने में "खून" की खुशबु "महसूस" करके "चार पैसे" कमाता है और उसके लिए इस "महंगाई" में ये सब-कुछ एक "तमाशे" से ज्यादा कुछ नहीं है !ऐसा नहीं है की वो कुछ "समझता" नहीं है,बस "चुप" है.....ए फलक न तबाह कर,न समझ के यूँ ही खामोश हूँ ! फकत इंतज़ार है वक़्त का, तेरी चाल मेरी नज़र में है !!!!!!!! 

Sunday, May 29, 2011

..........."लक" बड़ा या "टैलेंट"?

भाई साब आज पहली बार "आर्थोडाक्स टाईप" की "बीबी" मिलने पर अफ़सोस करते हुए यही सोच रहा था कि "लक"  बड़ा या "टैलेंट"? दरअसल कितनी बार "उसे" समझाया कि "पोलटिक्स" ज्वाइन कर लो,तुम्हारा टैलेंट "घर" में "वेस्ट" हो रहा है मगर हम कोई "धोनी" तो है नहीं जो हमारे "लक" के आगे सबका "टैलेंट" फ़ैल हो जायेगा ! अगली रेलवे,बैंक,विशिष्ट बी.टी.सी.में ही "जॉब" तलाशती रही और "फाइनली" उसी में "संतुष्ट" भी है ! अच्छा अब आप ही बताइए,उसके माँ बाप ने नाम "आँख कि पुतली" (कनिमोझी) नहीं रखा तो क्या हुआ,हमने तो उसे हमेशा "आँख कि पुतली" कि तरह रखा है ! अगर मेरी  "बात" मानी होती तो "आज" मुझ सा "लकी" भला कौन होता....मेरे "अखबारी ज्ञान" के मुताबिक लगभग 214 करोड़ हाथ में और बीबी जेल में....मगर वाह री किस्मत,तू तो "कोमा" के "पेशेंट" को भी "प्लेन क्रेश" करके मारती है !छोड़िये भाई साब, बेवजह "सुषमा स्वराज" बनने से कोई फायदा नहीं है ! वैसे भी इस मुल्क में "लक"और "टैलेंट" के अपने "मायने" है ! हाईस्कूल-इंटर में बाज़ी मरने वाली लड़कियों का "टैलेंट" ना जाने किस "लक" के चलते कही गुम हो जाता है वहीँ "आतंकी" का "लक" अपनी सुरक्षा में ही 10 करोड़ "खर्च" करा लेता है ! देश के सर्वोच्च "इंजीनियरिंग" संस्थान के "शिक्षण स्तर" पर "टिप्पड़ी" करना अगले का "टैलेंट" है और उसे सुनना हम सबका "...लक" है !"चोटिल" "कंधे" के साथ "क्रिकेट" खेलते रहना भी "गंभीर" "टैलेंट" है और इसी वजह से किसी को "कप्तानी"मिलना "लक"है ! आप खुद ही देखिये ना,जिसे देखो वही "एवेरेस्ट" पर चढ़ा जा रहा है ! कल "पत्रकारिता दिवस" है ! कल से ही एक न्यूज़ चैनल पर "रतन का रिश्ता" शुरू हो रहा है ! अब आप "डिसाइड"करो ये "टैलेंट" है या "लक"" ! मीडिया कि "भाषा" में ये "टी.आर.पी."है ! आप कहते रहो की "इक्नोमिक्स" उनका "टैलेंट" है पर बढती"महंगाई" पर "काबू" ना कर पाने के बावजूद "मुल्क" का "मुखिया" बना रहना उनका "लक" है !  एनी वे ,"परीक्षाफलों" के इस "मौसम" में बहुत सारे नौनिहालों ने "टैलेंट" दिखाया है ! उन्हें ज़रूरत है "हमारे" और आपके "गुडलक" की...... क्योंकि हम  सभी को पता है की "इन्सान" की "तरक्की" में 80 % "टैलेंट" और 20 %  "लक " का हाथ होता है!लेकिन अगर यही 20 % "लक" न हो तो 80 % "टैलेंट" बेकार हो जाता है....तेज़ "धूप" के बाद "उमस","उमस"  के बाद "बारिश" ! "मौसम" कितने ही "रंग" हमें "दिखाता" है और "सिखाता"  भी है की यही "जिंदगी" है ! जहाँ एक चीज़ "ख़त्म" होती है , वहीँ से एक नयी "शुरुआत" भी होती है .....आप सभी के "टैलेंट" को हमारा "गुडलक" !!!!!!!!!!!!