अच्छा सच में भाई साब,"कुछ" लोगों की "आदत" ही होती है "रुदाली" होने की ! उनको "ऐशवर्या" को देखकर "अभिषेक" नहीं,"सलमान-विवेक" याद आते है ! पुरानी कहावत है की "शादी" में कितनी भी "बेहतरीन" विदाई क्यों ना कर दो,"फूफा" का "मुंह" "टेढ़ा" ही रहेगा ! आपको तो बस "वजह" चाहिए "स्यापा" करने की लिए ! "पाँच रुपये" पेट्रोल के बढ़ गए तो इतनी हाय तोबा ? "क़र्ज़" लेकर "कार" खरीदी उसका "ज़िक्र" तक नहीं ! ये तो वही "बात" हुयी की जब तक "पार्टी" में रहे तब तक "नेताजी",पार्टी से "बाहर" हुए तो "डान" !ये अपने मुल्क की "डेमोक्रेसी" है भाई साब ! "चुनावों" में "अम्मा" "दीदी" एक कर देने से "जनता" की "तकदीर" नहीं बदलती है ! सब एक जैसे है........"माकपा" "भाकपा".....!! (डोंट टेक अदरवाइज़,ये हमारी "राजनीतिक पार्टियों" के "नाम" है, सिर्फ "साउंड" से "फील" थोडा "अनकमफर्ट" देते है ,...झामो,वामो....झामुमो.....)
एनी वे हम "फरमा" रहे थे की "भटठा-परसौल" में "राजनीतिक युवराज" के "धरना" देने से सिर्फ "सुर्खिया" मिलती है "समाधान" नहीं !जिस मुल्क के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक-और बच्चे "पढने" "पढ़ाने" नहीं "मिड-डे मील"खाने जाते हो वहां "एन.डी" का "डी.एन.ए." करा लेने से क्या "हासिल" होगा ! देखा नहीं "उद्योग नगरी" पटरी से उतर गयी है ! "उच्चतम न्यायलय" को "न्याय" से ज्यादा "निर्देश" देने पड़ रहे है ! "ओरेंज कैप" किसको मिली ये सबको पता है मगर "राष्ट्रीय खेल" के "कप्तान" का "नाम" कितनो को "पता" है ?....लो मै भी न आपके साथ "स्यापा" करने लगा ...छोड़ो जी, "जिंदगी" बेहद "खूबसूरत" है..इसी लिए "अम्मा" को "चाय" पे बुलाया है ! "दीदी"ने रंग जमाया है ! "कर्नाटक" में "नाटक" जारी है.....कुल मिला कर यहाँ "अक्षय कुमार" की "कामेडी" "हिट" है, "महा अक्षय" बनकर "हारर" करने की कोशिश "सुपर फ्लॉप" है ! "आमिर" को नई "आईटम गर्ल" की तलाश है ! आप भी बेवजह "इलेक्ट्रोनिक चैनलों" और "राजनीतिज्ञों" के बहकावे में मत आइये ...भरोसा रखिये कल को "पेट्रोल" के लिए भी "क़र्ज़" मिलने लगेगा ! बैंक है न ! एक "किश्त" और सही....वैसे भी आम आदमी की "जिंदगी" में सिर्फ "किश्ते" ही तो है जो उसके "ख्वाबों" को "जिंदा" रखे है और इसी "उम्मीद" में "आम आदमी" "किश्तों" में "जीता" चला जा रहा है की उसके "सपने" भी "सच" होंगे एक दिन.....बकौल नीरज साब....." क़र्ज़ रो रो के भरा,उम्र की सब किश्तों का, और सम्मान किया वक़्त के सब रिश्तों का ! फिर भी कुछ कमी है मुझमे तो माफ़ कर दो, आदमी टूटा हुआ ख्वाब है फरिश्तों का !!!!
एनी वे हम "फरमा" रहे थे की "भटठा-परसौल" में "राजनीतिक युवराज" के "धरना" देने से सिर्फ "सुर्खिया" मिलती है "समाधान" नहीं !जिस मुल्क के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक-और बच्चे "पढने" "पढ़ाने" नहीं "मिड-डे मील"खाने जाते हो वहां "एन.डी" का "डी.एन.ए." करा लेने से क्या "हासिल" होगा ! देखा नहीं "उद्योग नगरी" पटरी से उतर गयी है ! "उच्चतम न्यायलय" को "न्याय" से ज्यादा "निर्देश" देने पड़ रहे है ! "ओरेंज कैप" किसको मिली ये सबको पता है मगर "राष्ट्रीय खेल" के "कप्तान" का "नाम" कितनो को "पता" है ?....लो मै भी न आपके साथ "स्यापा" करने लगा ...छोड़ो जी, "जिंदगी" बेहद "खूबसूरत" है..इसी लिए "अम्मा" को "चाय" पे बुलाया है ! "दीदी"ने रंग जमाया है ! "कर्नाटक" में "नाटक" जारी है.....कुल मिला कर यहाँ "अक्षय कुमार" की "कामेडी" "हिट" है, "महा अक्षय" बनकर "हारर" करने की कोशिश "सुपर फ्लॉप" है ! "आमिर" को नई "आईटम गर्ल" की तलाश है ! आप भी बेवजह "इलेक्ट्रोनिक चैनलों" और "राजनीतिज्ञों" के बहकावे में मत आइये ...भरोसा रखिये कल को "पेट्रोल" के लिए भी "क़र्ज़" मिलने लगेगा ! बैंक है न ! एक "किश्त" और सही....वैसे भी आम आदमी की "जिंदगी" में सिर्फ "किश्ते" ही तो है जो उसके "ख्वाबों" को "जिंदा" रखे है और इसी "उम्मीद" में "आम आदमी" "किश्तों" में "जीता" चला जा रहा है की उसके "सपने" भी "सच" होंगे एक दिन.....बकौल नीरज साब....." क़र्ज़ रो रो के भरा,उम्र की सब किश्तों का, और सम्मान किया वक़्त के सब रिश्तों का ! फिर भी कुछ कमी है मुझमे तो माफ़ कर दो, आदमी टूटा हुआ ख्वाब है फरिश्तों का !!!!






